इस अध्याय में कुल धाराएँ 15 हैं। (धारा 6 से धारा 20 तक)
धारा 6 (Section 6) - दंड न्यायालयों के वर्ग (Classes of Criminal Courts)
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 6 "दंड न्यायालयों के वर्ग" (Classes of Criminal Courts) के बारे में बताती है।
यह धारा स्पष्ट करती है कि किसी भी राज्य में उच्च न्यायालय (High Court) और विशेष कानूनों के तहत गठित अदालतों के अलावा और कौन-कौन सी आपराधिक अदालतें होंगी।
दंड न्यायालयों के वर्ग (पदानुक्रम)
धारा 6 के अनुसार, प्रत्येक राज्य में निम्नलिखित श्रेणियों के दंड न्यायालय होंगे:
- सत्र न्यायालय (Court of Session) : यह जिले की सबसे बड़ी आपराधिक अदालत होती है।
- प्रथम वर्ग न्यायिक मजिस्ट्रेट (Judicial Magistrate of the First Class) : यह सत्र न्यायालय से नीचे की श्रेणी है।
- द्वितीय वर्ग न्यायिक मजिस्ट्रेट (Judicial Magistrate of the Second Class) : यह न्यायिक मजिस्ट्रेटों में सबसे निचली श्रेणी है।
- कार्यपालक मजिस्ट्रेट (Executive Magistrate) : ये प्रशासनिक अधिकारी होते हैं (जैसे DM, ADM, SDM), जिन्हें कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मजिस्ट्रेट की शक्तियां दी जाती हैं।
सरल उदाहरण से समझें
इसे एक सीढ़ी की तरह देखा जा सकता है, जहाँ अपराध की गंभीरता के हिसाब से अदालत तय होती है:
- छोटे अपराध : इनकी सुनवाई द्वितीय वर्ग न्यायिक मजिस्ट्रेट के पास हो सकती है।
- मध्यम अपराध : इनकी सुनवाई प्रथम वर्ग न्यायिक मजिस्ट्रेट के पास होती है।
- गंभीर अपराध (जैसे हत्या) : इनकी सुनवाई सीधे सत्र न्यायालय (Sessions Court) में होती है।
- प्रशासनिक मामले : यदि कहीं दंगा होने की आशंका है और धारा 144 लगानी है, तो वहां कार्यपालक मजिस्ट्रेट (प्रशासन) की भूमिका आती है。
विशेष बदलाव : पुरानी संहिता (CrPC) में "महानगर मजिस्ट्रेट" (Metropolitan Magistrate) का एक अलग वर्ग होता था, जिसे नई संहिता (BNSS) में सरल कर दिया गया है। अब मुख्य रूप से न्यायिक मजिस्ट्रेट और कार्यपालक मजिस्ट्रेट के वर्ग ही रखे गए हैं।