Section 173 – Cognizable Cases में सूचना (FIR)

Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita, 2023

📌 Section 173 क्या है?

Section 173 BNSS 2023 बताता है कि जब कोई Cognizable offence (गंभीर अपराध) होता है, तो पुलिस को सूचना (FIR) कैसे दी जाती है और उसे कैसे दर्ज किया जाता है।

👉 यह Section FIR (First Information Report) से directly जुड़ा हुआ है
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⚖️ Cognizable Offence क्या होता है?

Cognizable offence वह अपराध होता है जिसमें पुलिस बिना court की अनुमति के सीधे कार्रवाई कर सकती है और आरोपी को गिरफ्तार कर सकती है।

  • हत्या (Murder)
  • बलात्कार (Rape)
  • डकैती (Robbery)
  • गंभीर चोट (Grievous hurt)

📝 FIR कैसे दर्ज होती है?

  • कोई भी व्यक्ति पुलिस स्टेशन में सूचना दे सकता है
  • सूचना लिखित या मौखिक हो सकती है
  • मौखिक सूचना को पुलिस लिखकर पढ़कर सुनाती है
  • सूचना देने वाले के हस्ताक्षर लिए जाते हैं
  • FIR की कॉपी मुफ्त में दी जाती है
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📱 Online FIR (E-FIR)

BNSS 2023 के अनुसार अब कुछ मामलों में FIR online भी दर्ज की जा सकती है, जिससे लोगों को आसानी होती है और transparency बढ़ती है।

🔥 Important Points

  • FIR दर्ज करना पुलिस का कर्तव्य है
  • पुलिस FIR लेने से मना नहीं कर सकती
  • FIR के बाद investigation शुरू होता है
  • यह criminal justice system की पहली step है

📖 Example

अगर किसी व्यक्ति के साथ चोरी या हमला होता है, तो वह पुलिस स्टेशन जाकर FIR दर्ज करवा सकता है। पुलिस उस सूचना के आधार पर जांच शुरू करेगी।

❓ FAQ

Q. FIR क्या होती है?
Ans: FIR (First Information Report) अपराध की पहली आधिकारिक सूचना होती है।

Q. क्या FIR online दर्ज हो सकती है?
Ans: हाँ, BNSS 2023 में कुछ मामलों में online FIR की सुविधा दी गई है।

Q. क्या पुलिस FIR लेने से मना कर सकती है?
Ans: नहीं, Cognizable offence में FIR दर्ज करना जरूरी है।

Source: Government of India Acts, Official Gazettes and Public Legal Documents.
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