📌 Section 15 क्या है?
Section 15 Juvenile Justice Act 2015 के तहत 16 से 18 साल के बच्चों द्वारा किए गए गंभीर अपराध (Heinous Offence) में court यह तय करता है कि उसे adult की तरह trial किया जाए या नहीं।
⚖️ Preliminary Assessment में क्या देखा जाता है?
- बच्चे की मानसिक क्षमता (Mental capacity)
- अपराध को समझने की क्षमता
- परिस्थितियाँ (Circumstances)
- अपराध की गंभीरता
👨⚖️ कब लागू होता है?
- जब आरोपी की उम्र 16–18 साल हो
- जब अपराध Heinous category में आता हो
🚨 Heinous Offence क्या होता है?
ऐसे अपराध जिनमें 7 साल या उससे ज्यादा की सजा होती है, उन्हें Heinous offence कहा जाता है।
📖 Example
अगर 17 साल का लड़का हत्या करता है, तो court Section 15 के तहत पहले यह जांच करेगा कि वह adult की तरह समझ रखता था या नहीं।
🔥 Important Points
- यह बच्चों के लिए special protection देता है
- हर case में automatically adult trial नहीं होता
- Expert opinion भी लिया जा सकता है
❓ FAQ
Q. Section 15 किसके लिए है?
Ans: 16–18 साल के बच्चों के लिए।
Q. क्या juvenile को adult की तरह सजा मिल सकती है?
Ans: हाँ, अगर court ऐसा decide करे।
Q. Heinous offence क्या है?
Ans: 7 साल या उससे ज्यादा सजा वाले अपराध।