🧘 आत्मा क्या है?
आत्मा वह चेतन तत्व है जो शरीर और मन से परे है। यह मनुष्य की वास्तविक पहचान मानी जाती है, जो न जन्म लेती है और न ही नष्ट होती है।
आसान भाषा में आत्मा
जब हम "मैं" कहते हैं, तो वह केवल शरीर या विचार नहीं होता। उसके पीछे एक स्थायी चेतना होती है — उसी को आत्मा कहा जाता है।
आत्मा के मुख्य गुण
अविनाशी
आत्मा का कभी नाश नहीं होता, यह हमेशा अस्तित्व में रहती है।
अजन्मा
आत्मा का जन्म नहीं होता, यह समय से परे है।
शुद्ध चेतना
आत्मा स्वयं में शुद्ध और जागरूक चेतना है।
शरीर से अलग
आत्मा शरीर और मन से भिन्न मानी जाती है।
आत्मा को समझने का दृष्टिकोण
सनातन दर्शन के अनुसार, आत्मा ही वह तत्व है जो अनुभव करता है, सीखता है और विभिन्न जन्मों के माध्यम से विकसित होता है।
शरीर बदलता है, विचार बदलते हैं, लेकिन आत्मा स्थिर रहती है। यही कारण है कि इसे वास्तविक "स्व" माना जाता है।
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