संसद: पूरे भारत या उसके किसी भाग के लिए कानून बना सकती है।
राज्य विधानमंडल: पूरे राज्य या उसके किसी भाग के लिए कानून बना सकता है।
क्षेत्राधिकार: संसद का कानून विदेशों में भी लागू हो सकता है।
Relations Between the Union and the States
अनुच्छेद 245 से 263 | Articles 245 to 263
संविधान के भाग 11 में संघ और राज्यों के बीच संबंधों का वर्णन है (अनुच्छेद 245-263)। यह दो अध्यायों में विभाजित है - अध्याय 1: विधायी संबंध और अध्याय 2: प्रशासनिक संबंध। इसका उद्देश्य केंद्र-राज्य सहयोग और संघीय ढांचे को मजबूत करना है।
Legislative Relations
अनुच्छेद 245-255
Administrative Relations
अनुच्छेद 256-263
संसद: पूरे भारत या उसके किसी भाग के लिए कानून बना सकती है।
राज्य विधानमंडल: पूरे राज्य या उसके किसी भाग के लिए कानून बना सकता है।
क्षेत्राधिकार: संसद का कानून विदेशों में भी लागू हो सकता है।
संघ सूची (List I): 97 विषय - केवल संसद
राज्य सूची (List II): 66 विषय - केवल राज्य विधानमंडल
समवर्ती सूची (List III): 47 विषय - दोनों बना सकते हैं
जो विषय तीनों सूचियों में नहीं हैं, उन पर संसद को कानून बनाने की अनन्य शक्ति है। इसे अवशिष्ट शक्ति कहते हैं।
उदाहरण: साइबर कानून, अंतरिक्ष कानून।
प्रत्येक राज्य की कार्यपालिका शक्ति का प्रयोग इस प्रकार होगा कि संसद के कानूनों का अनुपालन सुनिश्चित हो।
केंद्र सरकार राज्यों को निर्देश दे सकती है।
संसद कानून द्वारा अंतर-राज्य नदियों के जल के उपयोग, वितरण पर विवादों के न्यायनिर्णयन का प्रावधान कर सकती है।
उदाहरण: कावेरी जल विवाद, कृष्णा जल विवाद।
राष्ट्रपति अंतर-राज्य परिषद स्थापित कर सकता है।
कार्य:
स्थापना: 1990 में गठित। अध्यक्ष - प्रधानमंत्री।
97 विषय
केवल संसद कानून बना सकती है
66 विषय
केवल राज्य विधानमंडल कानून बना सकता है
47 विषय
संसद और राज्य दोनों कानून बना सकते हैं
भारत एक संघीय राज्य है। केंद्र और राज्यों के बीच शक्तियों का विभाजन। सहकारी संघवाद।
केंद्र का प्रतिनिधि। राज्य और केंद्र के बीच कड़ी। राष्ट्रपति शासन की सिफारिश।
अनुच्छेद 280। हर 5 साल में। केंद्र-राज्य कर बंटवारा। राज्यों को अनुदान।
अनुच्छेद 263। 1990 में गठित। राज्यों के बीच समन्वय। विवाद समाधान। सहकारी संघवाद।
Source: Government of India Acts, Official Gazettes and Public Legal Documents.
This website provides simplified legal information for educational purposes only and does not constitute legal
advice.