लोकसभा और विधानसभा में SC/ST आरक्षण प्रारंभ में 10 वर्ष (1960 तक) के लिए था।
विस्तार: 8वां (1960), 23वां (1970), 45वां (1980), 62वां (1990), 79वां (2000), 95वां (2010), 104वां (2019) संशोधन
वर्तमान: 2030 तक (80 वर्ष)
Special Provisions Relating to Certain Classes
अनुच्छेद 330 से 342A | Articles 330 to 342A
संविधान के भाग 16 में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग और आंग्ल-भारतीय समुदाय के लिए विशेष उपबंध हैं (अनुच्छेद 330-342A)। इसमें लोकसभा/विधानसभा में आरक्षण, NCSC, NCST, NCBC जैसे आयोगों का गठन, और सामाजिक-आर्थिक उत्थान के प्रावधान हैं। यह सामाजिक न्याय का आधार है।
Reservation in Lok Sabha
लोकसभा में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए सीटें आरक्षित। जनसंख्या के अनुपात में। प्रारंभ में 10 वर्ष के लिए, अब 80 वर्ष (2030 तक)।
Reservation in State Assemblies
राज्य विधानसभाओं में SC/ST के लिए सीटें आरक्षित। प्रत्येक राज्य में जनसंख्या के अनुपात में। 2030 तक विस्तारित।
Anglo-Indian Representation
राष्ट्रपति लोकसभा में 2 आंग्ल-भारतीय नामित कर सकता था यदि समुदाय का प्रतिनिधित्व अपर्याप्त हो।
Anglo-Indian in State Assembly
राज्यपाल राज्य विधानसभा में 1 आंग्ल-भारतीय नामित कर सकता था।
National Commission for Scheduled Castes
कार्य:
संशोधन: 89वां संशोधन 2003 - NCSC और NCST अलग किए गए
National Commission for Scheduled Tribes
कार्य:
स्थापना: 89वां संशोधन 2003
National Commission for Backward Classes
कार्य:
संवैधानिक दर्जा: 102वां संशोधन 2018
लोकसभा और विधानसभा में SC/ST आरक्षण प्रारंभ में 10 वर्ष (1960 तक) के लिए था।
विस्तार: 8वां (1960), 23वां (1970), 45वां (1980), 62वां (1990), 79वां (2000), 95वां (2010), 104वां (2019) संशोधन
वर्तमान: 2030 तक (80 वर्ष)
संघ या राज्य की सेवाओं में नियुक्तियों में SC/ST के दावों का ध्यान रखा जाएगा।
शर्त: प्रशासन की दक्षता बनाए रखते हुए।
82वां संशोधन 2000: पदोन्नति में आरक्षण के लिए अंकों में छूट और मूल्यांकन में शिथिलता दी जा सकती है।
NCSC - अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, 3 सदस्य। राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त।
शक्तियाँ: सिविल न्यायालय की शक्तियाँ - समन, दस्तावेज, साक्ष्य।
रिपोर्ट: राष्ट्रपति को वार्षिक रिपोर्ट। संसद के समक्ष रखी जाती है।
राष्ट्रपति आदेश द्वारा अनुसूचित क्षेत्रों के प्रशासन पर रिपोर्ट मंगा सकता है।
संघ की शक्ति: अनुसूचित क्षेत्रों के प्रशासन के संबंध में राज्यों को निर्देश दे सकता है।
राष्ट्रपति पिछड़े वर्गों की स्थिति की जांच के लिए आयोग नियुक्त कर सकता है।
उदाहरण: काका कालेलकर आयोग (1953), मंडल आयोग (1979)
मंडल आयोग: OBC को 27% आरक्षण की सिफारिश। 1990 में लागू।
राष्ट्रपति राज्य/संघ राज्य के संबंध में जनजातियों को अनुसूचित जनजाति घोषित कर सकता है।
संसद कानून द्वारा सूची में संशोधन कर सकती है।
राष्ट्रपति राज्य/संघ राज्य के संबंध में सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों को घोषित कर सकता है।
संसद कानून द्वारा सूची में संशोधन कर सकती है।
जोड़ा गया: 102वां संशोधन 2018
भाग 16 सामाजिक न्याय का आधार। ऐतिहासिक अन्याय का निवारण। समावेशी विकास।
SC: 15%, ST: 7.5%, OBC: 27%। शिक्षा, नौकरी, राजनीति में। 2030 तक राजनीतिक आरक्षण।
NCSC (338), NCST (338A), NCBC (338B)। संवैधानिक दर्जा। सिविल न्यायालय की शक्तियाँ।
104वां संशोधन 2019। जनवरी 2020 से लोकसभा/विधानसभा में नामांकन समाप्त।
Source: Government of India Acts, Official Gazettes and Public Legal Documents.
This website provides simplified legal information for educational purposes only and does not constitute legal
advice.