Open Knowledge Platform

📜 भाग 20

संविधान का संशोधन

Amendment of the Constitution

अनुच्छेद 368 | Article 368

✍️

भाग 20 क्या है?

संविधान के भाग 20 में केवल अनुच्छेद 368 है जो संविधान संशोधन की प्रक्रिया बताता है। भारतीय संविधान न तो कठोर है न लचीला, बल्कि कठोर और लचीले का मिश्रण है। 106 संशोधन (2023 तक) हो चुके हैं। संशोधन 3 तरीकों से होता है: साधारण बहुमत, विशेष बहुमत, और विशेष बहुमत + राज्यों का अनुसमर्थन।

⚖️ संशोधन प्रक्रिया

Amendment Procedure

1️⃣
प्रकार 1

साधारण बहुमत

Simple Majority

बहुमत: उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों का 50% से अधिक

उदाहरण:

  • नए राज्यों का निर्माण (अनुच्छेद 2, 3)
  • राज्यों के नाम, सीमा परिवर्तन
  • नागरिकता (अनुच्छेद 11)
  • संसद में गणपूर्ति (अनुच्छेद 100)

नोट: ये अनुच्छेद 368 के अंतर्गत संशोधन नहीं माने जाते।

2️⃣
प्रकार 2

विशेष बहुमत

Special Majority

बहुमत: सदन की कुल सदस्य संख्या का बहुमत + उपस्थित और मतदान करने वाले 2/3 सदस्य

उदाहरण:

  • मौलिक अधिकार (Part III)
  • राज्य के नीति निदेशक तत्व (Part IV)
  • अधिकांश अन्य प्रावधान

नोट: दोनों सदनों में अलग-अलग पारित होना चाहिए।

3️⃣
प्रकार 3

विशेष बहुमत + राज्यों का अनुसमर्थन

Special Majority + State Ratification

बहुमत: विशेष बहुमत + कम से कम 50% राज्यों के विधानमंडलों का अनुसमर्थन

उदाहरण:

  • राष्ट्रपति का निर्वाचन (54, 55)
  • संघ और राज्यों की कार्यपालिका शक्ति (73, 162)
  • उच्चतम न्यायालय, उच्च न्यायालय (124-147, 214-231)
  • संघ-राज्य संबंध (245-255)
  • सातवीं अनुसूची की सूचियां
  • राज्यों का प्रतिनिधित्व संसद में
  • अनुच्छेद 368 स्वयं
📖 अनुच्छेद 368

Article 368 - Amendment Power

अनुच्छेद 368

संविधान का संशोधन करने की संसद की शक्ति और उसके लिए प्रक्रिया

368(1): इस संविधान में किसी बात के होते हुए भी, संसद अपनी संविधायी शक्ति का प्रयोग करते हुए इस संविधान के किसी उपबंध का परिवर्धन, परिवर्तन या निरसन के रूप में संशोधन कर सकेगी।

368(2): संशोधन विधेयक के रूप में संसद के किसी भी सदन में पुरःस्थापित किया जा सकेगा।

प्रक्रिया:

  • विधेयक दोनों सदनों में विशेष बहुमत से पारित
  • कुछ मामलों में 50% राज्यों का अनुसमर्थन आवश्यक
  • राष्ट्रपति के समक्ष प्रस्तुत - अनुमति देना बाध्य (24वां संशोधन 1971)
  • राष्ट्रपति की अनुमति के बाद संविधान संशोधित माना जाएगा

368(3): अनुच्छेद 13 की कोई बात इस अनुच्छेद के अधीन किए गए संशोधन पर लागू नहीं होगी।

368(4) & (5): 42वां संशोधन 1976 - संसद की संशोधन शक्ति पर कोई सीमा नहीं। मिनर्वा मिल्स केस 1980 में असंवैधानिक घोषित। हटाया गया।

⚖️ सीमा: मूल ढांचा (Basic Structure) का उल्लंघन नहीं कर सकते। केशवानंद भारती केस 1973।
🏛️ मूल ढांचा सिद्धांत

Basic Structure Doctrine

केशवानंद भारती बनाम केरल राज्य (1973) - सर्वोच्च न्यायालय का ऐतिहासिक निर्णय। संसद संविधान में संशोधन कर सकती है, लेकिन मूल ढांचे को नष्ट या परिवर्तित नहीं कर सकती।

⚖️

संविधान की सर्वोच्चता

🏛️

संसदीय लोकतंत्र

⚖️

न्यायिक पुनरीक्षण

🗳️

स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव

🇮🇳

संघीय ढांचा

🤝

धर्मनिरपेक्षता

⚖️

कानून का शासन

📜

मौलिक अधिकारों का सार

📌 महत्व: मूल ढांचा सूची संपूर्ण नहीं है। न्यायालय केस-दर-केस तय करता है। इंदिरा गांधी बनाम राज नारायण (1975), मिनर्वा मिल्स (1980) में लागू।
📜 महत्वपूर्ण संशोधन

Important Amendments

1st
1951

पहला संशोधन

9वीं अनुसूची जोड़ी। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर युक्तियुक्त निर्बंधन। जमींदारी उन्मूलन।

24th
1971

24वां संशोधन

संसद को मौलिक अधिकारों में संशोधन की शक्ति। राष्ट्रपति को संशोधन विधेयक पर अनुमति देना बाध्य।

42nd
1976

42वां संशोधन

"लघु संविधान"। प्रस्तावना में समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, अखंडता शब्द जोड़े। मौलिक कर्तव्य। न्यायिक पुनरीक्षण सीमित।

44th
1978

44वां संशोधन

आपात के दुरुपयोग को रोका। "आंतरिक अशांति" हटाकर "सशस्त्र विद्रोह"। संपत्ति का अधिकार मौलिक अधिकार से हटाया।

52nd
1985

52वां संशोधन

दल-बदल विरोधी कानून। 10वीं अनुसूची जोड़ी।

73rd
1992

73वां संशोधन

पंचायती राज को संवैधानिक दर्जा। भाग IX जोड़ा। 11वीं अनुसूची।

74th
1992

74वां संशोधन

नगरपालिकाओं को संवैधानिक दर्जा। भाग IXA जोड़ा। 12वीं अनुसूची।

86th
2002

86वां संशोधन

शिक्षा का अधिकार। अनुच्छेद 21A जोड़ा। 6-14 वर्ष के बच्चों के लिए निःशुल्क शिक्षा।

101st
2016

101वां संशोधन

GST - वस्तु एवं सेवा कर। अनुच्छेद 246A, 269A, 279A जोड़े।

103rd
2019

103वां संशोधन

EWS आरक्षण। आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए 10% आरक्षण।

104th
2019

104वां संशोधन

SC/ST आरक्षण 80 वर्ष (2030) तक बढ़ाया। आंग्ल-भारतीय आरक्षण समाप्त।

106th
2023

106वां संशोधन

महिला आरक्षण। लोकसभा और विधानसभाओं में 33% सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित।

📌 महत्वपूर्ण बिंदु

Key Points

✍️

लचीला-कठोर मिश्रण

कुछ भाग साधारण बहुमत से, कुछ विशेष बहुमत से, कुछ राज्यों के अनुसमर्थन से। संतुलित व्यवस्था।

⚖️

मूल ढांचा अछूता

केशवानंद भारती केस 1973। संसद मूल ढांचे को नहीं बदल सकती। न्यायिक पुनरीक्षण सुरक्षित।

📊

106 संशोधन

1951 से 2023 तक 106 संशोधन। औसत 1.5 वर्ष में 1 संशोधन। जीवंत संविधान।

🇮🇳

राष्ट्रपति की भूमिका

संशोधन विधेयक पर अनुमति देना बाध्य। वीटो नहीं। 24वां संशोधन 1971।

Back to Constitution संविधान पर वापस

Source: Government of India Acts, Official Gazettes and Public Legal Documents.
This website provides simplified legal information for educational purposes only and does not constitute legal advice.