राज्य ऐसी सामाजिक व्यवस्था बनाएगा जिसमें सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय सभी नागरिकों को उपलब्ध हो।
Directive Principles of State Policy
अनुच्छेद 36 से 51 | Articles 36 to 51
संविधान के भाग 4 में राज्य के लिए नीति निदेशक तत्व दिए गए हैं (अनुच्छेद 36-51)। ये राज्य को सामाजिक-आर्थिक लोकतंत्र स्थापित करने के निर्देश हैं। ये न्यायालय द्वारा प्रवर्तनीय नहीं हैं, लेकिन शासन में मूलभूत हैं।
Socialistic Principles
समाजवादी राज्य की स्थापना
Gandhian Principles
गांधी जी के विचारों पर आधारित
Liberal-Intellectual
उदारवादी आदर्श
राज्य ऐसी सामाजिक व्यवस्था बनाएगा जिसमें सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय सभी नागरिकों को उपलब्ध हो।
राज्य विशेष रूप से निर्देश देगा कि:
राज्य ग्राम पंचायतों का संगठन करेगा और उन्हें स्वायत्त शासन की इकाई के रूप में कार्य करने के लिए आवश्यक शक्तियां प्रदान करेगा।
राज्य भारत के समस्त राज्यक्षेत्र में नागरिकों के लिए एक समान नागरिक संहिता प्राप्त कराने का प्रयास करेगा।
राज्य कृषि और पशुपालन को आधुनिक और वैज्ञानिक प्रणालियों पर संगठित करने का प्रयास करेगा और विशेष रूप से गायों, बछड़ों और अन्य दुधारू पशुओं के वध का प्रतिषेध करने के लिए कदम उठाएगा।
राज्य प्रयास करेगा:
| आधार | मौलिक अधिकार (FR) | निदेशक तत्व (DPSP) |
|---|---|---|
| प्रकृति | नकारात्मक - राज्य को रोकते हैं | सकारात्मक - राज्य को निर्देश देते हैं |
| प्रवर्तनीयता | न्यायालय द्वारा प्रवर्तनीय | न्यायालय द्वारा प्रवर्तनीय नहीं |
| उद्देश्य | राजनीतिक लोकतंत्र | सामाजिक-आर्थिक लोकतंत्र |
| टकराव में | DPSP पर FR हावी (शुरुआत में) | अब Basic Structure के तहत संतुलन |
Source: Government of India Acts, Official Gazettes and Public Legal Documents.
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