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📜 भाग 4क

मौलिक कर्तव्य

Fundamental Duties

अनुच्छेद 51क | Article 51A | 11 Duties

🙏

भाग 4क क्या है?

संविधान के भाग 4क में नागरिकों के 11 मौलिक कर्तव्य दिए गए हैं (अनुच्छेद 51क)। इन्हें 42वें संशोधन 1976 द्वारा जोड़ा गया। ये न्यायालय द्वारा प्रवर्तनीय नहीं हैं, लेकिन नागरिकों से अपेक्षा की जाती है। 86वां संशोधन 2002 में 11वां कर्तव्य जोड़ा गया।

🌟 11 मौलिक कर्तव्य

Eleven Fundamental Duties

1
📜

संविधान का पालन

संविधान का पालन करें और उसके आदर्शों, संस्थाओं, राष्ट्रध्वज और राष्ट्रगान का आदर करें।

2

स्वतंत्रता संग्राम के आदर्श

स्वतंत्रता के लिए राष्ट्रीय आंदोलन को प्रेरित करने वाले उच्च आदर्शों को हृदय में संजोए रखें।

3
🇮🇳

भारत की संप्रभुता, एकता, अखंडता

भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता की रक्षा करें और उसे अक्षुण्ण रखें।

4
🛡️

देश की रक्षा

देश की रक्षा करें और आह्वान किए जाने पर राष्ट्र की सेवा करें।

5
🤝

समरसता और भाईचारा

भारत के सभी लोगों में समरसता और समान भातृत्व की भावना का निर्माण करें। धर्म, भाषा, प्रदेश या वर्ग पर आधारित भेदभाव का त्याग करें।

6
👩

स्त्रियों का सम्मान

स्त्रियों के सम्मान के विरुद्ध प्रथाओं का त्याग करें।

7
🏛️

सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण

हमारी सामासिक संस्कृति की गौरवशाली परंपरा का महत्व समझें और उसका परिरक्षण करें।

8
🌳

प्राकृतिक पर्यावरण की रक्षा

प्राकृतिक पर्यावरण की रक्षा करें और उसका संवर्धन करें। वन, झील, नदी और वन्य जीवों के प्रति दया भाव रखें।

9
🔬

वैज्ञानिक दृष्टिकोण

वैज्ञानिक दृष्टिकोण, मानववाद और ज्ञानार्जन तथा सुधार की भावना का विकास करें।

10
🏛️

सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा

सार्वजनिक संपत्ति को सुरक्षित रखें और हिंसा से दूर रहें।

11
📚

शिक्षा का अवसर

6 से 14 वर्ष तक के बच्चों को शिक्षा के अवसर प्रदान करना - माता-पिता/संरक्षक का कर्तव्य। 86वां संशोधन 2002

📖 अनुच्छेद 51क

Article 51A - Full Text

अनुच्छेद 51क

मौलिक कर्तव्य

भारत के प्रत्येक नागरिक का यह कर्तव्य होगा कि वह -

  1. संविधान का पालन करे और उसके आदर्शों, संस्थाओं, राष्ट्रध्वज और राष्ट्रगान का आदर करे;
  2. स्वतंत्रता के लिए हमारे राष्ट्रीय आंदोलन को प्रेरित करने वाले उच्च आदर्शों को हृदय में संजोए रखे और उनका पालन करे;
  3. भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता की रक्षा करे और उसे अक्षुण्ण रखे;
  4. देश की रक्षा करे और आह्वान किए जाने पर राष्ट्र की सेवा करे;
  5. भारत के सभी लोगों में समरसता और समान भातृत्व की भावना का निर्माण करे जो धर्म, भाषा और प्रदेश या वर्ग पर आधारित सभी भेदभाव से परे हो;
  6. स्त्रियों के सम्मान के विरुद्ध प्रथाओं का त्याग करे;
  7. हमारी सामासिक संस्कृति की गौरवशाली परंपरा का महत्व समझे और उसका परिरक्षण करे;
  8. प्राकृतिक पर्यावरण की रक्षा करे और उसका संवर्धन करे तथा प्राणि मात्र के प्रति दयाभाव रखे;
  9. वैज्ञानिक दृष्टिकोण, मानववाद और ज्ञानार्जन तथा सुधार की भावना का विकास करे;
  10. सार्वजनिक संपत्ति को सुरक्षित रखे और हिंसा से दूर रहे;
  11. 6 से 14 वर्ष तक की आयु के अपने बच्चों को शिक्षा के अवसर प्रदान करे।
📌 महत्वपूर्ण बिंदु

Key Points

📅

कब जोड़ा गया?

42वां संशोधन 1976 - स्वर्ण सिंह समिति की सिफारिश पर। 11वां कर्तव्य 86वां संशोधन 2002 में जोड़ा गया।

⚖️

प्रवर्तनीय नहीं

मौलिक कर्तव्य न्यायालय द्वारा प्रवर्तनीय नहीं हैं। इनके उल्लंघन पर कोई कानूनी दंड नहीं, लेकिन कानून बना सकते हैं।

🇷🇺

प्रेरणा

USSR (सोवियत संघ) के संविधान से प्रेरित। जापान एकमात्र देश जहां कर्तव्य प्रवर्तनीय हैं।

🤝

अधिकार और कर्तव्य

अधिकार और कर्तव्य एक-दूसरे के पूरक हैं। कर्तव्यों के बिना अधिकार निरर्थक हैं।

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Source: Government of India Acts, Official Gazettes and Public Legal Documents.
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