सहकारी समिति: राज्य विधानमंडल के कानून के अधीन पंजीकृत समिति।
बोर्ड: समिति का शासी निकाय।
अधिकारी: अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, प्रबंध निदेशक।
The Co-operative Societies
अनुच्छेद 243ZH से 243ZT | Articles 243ZH to 243ZT
संविधान के भाग 9B में सहकारी समितियों का वर्णन है (अनुच्छेद 243ZH-243ZT)। इसे 97वां संशोधन अधिनियम 2011 द्वारा जोड़ा गया। अनुच्छेद 19(1)(c) में "सहकारी समिति" शब्द जोड़ा गया। यह स्वैच्छिक गठन, लोकतांत्रिक नियंत्रण, स्वायत्तता सुनिश्चित करता है। 15 फरवरी 2012 से लागू।
Voluntary Formation
सहकारी समिति का गठन स्वैच्छिक आधार पर। कोई बाध्यता नहीं।
Democratic Control
एक सदस्य - एक मत। चुनाव द्वारा प्रबंधन। पारदर्शिता।
Autonomy
सरकारी हस्तक्षेप न्यूनतम। स्वतंत्र संचालन। स्व-विनियमन।
सहकारी समिति: राज्य विधानमंडल के कानून के अधीन पंजीकृत समिति।
बोर्ड: समिति का शासी निकाय।
अधिकारी: अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, प्रबंध निदेशक।
राज्य विधानमंडल कानून बनाकर सहकारी समितियों के गठन, विनियमन और विघटन का प्रावधान करेगा।
सिद्धांत: स्वैच्छिक गठन, लोकतांत्रिक सदस्य नियंत्रण, स्वायत्तता।
बोर्ड में अधिकतम 21 निदेशक होंगे। इसमें शामिल हैं:
बोर्ड का चुनाव 5 वर्ष में एक बार होगा। राज्य निर्वाचन प्राधिकरण द्वारा संचालित।
कार्यकाल समाप्त होने से पहले चुनाव कराना अनिवार्य।
राज्य सरकार बोर्ड को अधिकतम 6 महीने के लिए अधिक्रमित कर सकती है:
6 महीने में नए चुनाव अनिवार्य।
प्रत्येक सहकारी समिति का वार्षिक लेखा परीक्षण अनिवार्य। राज्य सरकार लेखा परीक्षक नियुक्त करेगी।
लेखा रिपोर्ट विधानसभा में प्रस्तुत की जाएगी।
12 जनवरी 2012 को राष्ट्रपति की स्वीकृति। 15 फरवरी 2012 से लागू। भाग 9B जोड़ा गया।
अनुच्छेद 19(1)(c) में "सहकारी समिति" शब्द जोड़ा। सहकारी समिति बनाना मौलिक अधिकार।
राज्य निर्वाचन प्राधिकरण चुनाव कराएगा। 5 वर्ष कार्यकाल। समय पर चुनाव अनिवार्य।
वार्षिक ऑडिट अनिवार्य। पारदर्शिता। विधानसभा में रिपोर्ट प्रस्तुत। वित्तीय अनुशासन।
Source: Government of India Acts, Official Gazettes and Public Legal Documents.
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